Thursday, November 5, 2009

भैंस चालीसा..अक्ल बङी या भैंस


भैंस चालीसा..अक्ल बङी या भैंस
महामूर्ख दरबार में, लगा अनोखा केस
फसा हुआ है मामला, अक्ल बङी या भैंस
अक्ल बङी या भैंस, दलीलें बहुत सी आयीं
महामूर्ख दरबार की अब, देखो सुनवाई
मंगल भवन अमंगल हारी-

भैंस सदा ही अक्ल पे भारी
भैंस मेरी जब चर आये चारा-

पाँच सेर हम दूध निकारा
कोई अकल ना यह कर पावे-

चारा खा कर दूध बनावे
अक्ल ाास जब चरने जाये-

हार जाय नर अति दुख पाये
भैंस का चारा लालू खायो-

निज ारवारि सी.एम. बनवायो
तुमहू भैंस का चारा खाओ-

बीवी को सी.एम.बनवाओ
मोटी अकल म दमति होई-

मोटी भैंस दूध अति होई
अकल इश्क़ कर कर के रोये-

भैंस का कोई बाँयफे्र ड ना होये
अकल तो ले मोबाइल ाूमे-

एस.एम.एस. पापा के झूमे
भैंस मेरी डायरे ट पुकारे-

कबहूँ मिस्ड कालना मारे
भैंस कभी सिगरेट ना पीती-

भैंस बिना दारू के जीती
भैंस कभी ना पान चबाये -

ना ही इसको ड्र स सुहाये
शक्तिशालिनी शाकाहारी-

भैंस हमारी कितनी यारी
अकलम द को कोई ना जाने-

भैंस को सारा जग पहचाने
जाकी अकल मे गोबर होये-

सो इ सान पटक सर रोये
मंगल भवन अमंगल हारी-

भैंस का गोबर अकल पे भारी
भैंस मरे तो बनते जूते-

अकल मरे तो पङते जूते
So now you can decide
अ ल बङी या भैंस

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