भारत एक ऐसा देश है जिसमें सभी धर्म और जाति के लोग रहते हैं यह देश अनेकता में एकता का देश
हैं। यहां की संस्कृति अलग-अलग है लेकिन उसे मानाने वाले एक है। फिर चाहे वह महाराष्टï्र हो या
उ ार प्रदेश सभी लोग एक समान है। लेकिन कुछ लोग अफवाद होते हैं।
राहुल से महाराष्टï्र में बिहारियों के खिलाफ शिवसेना और एमएनएस की नफरत भरी मुहिम पर सवाल
कर रहे थे। राहुल ने इसका जवाब देते हुए कहा कि जो लोग नफरत फैलाते हैं, वह नहीं जानते कि देश
की एकता लोगों की एकता से जुड़ी हुई है। दरअसल राहुल गांधी ने मुंबई को लेकर चल रहे ामासान
पर शिवसेना और राज ठाकरे पर हमला करते हुए कहा था कि मुंबई हमले के दौरान जो एनएसजी
कमांडो शहीद हुए वो उ ार भारतीय थे। उ होंने कहा कि ठाकरे जी कह रहे थे कि बिहारियों को भगाओ।
लेकिन जब मुंबई पर हमला हुआ तो एनएसजी में बिहारी भी थे, गुजराती भी थे, महाराष्ट्र के भी थे। तब
उ होंने ये बात नहीं कही कि भैया बिहारियों को निकालो। राहुल ने कहा कि हमको हिंदुस्तान को आगे
बढ़ाना है तो सब लोगों को बढ़ाना है और जो ये थिंकिंग है कि महाराष्ट्र में बाहर के लोगों को नहीं आने
दो, मैं इसके खिलाफ हूं। हम महाराष्ट्र में उ ारभारतीयों के खिलाफ हिंसा बर्दाश्त नहीं करेंगे।
ऐसे लोगों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। राहुल का ये बयान दरभंगा में सभा के दौरान हंगामे के
बाद आया। दरभंगा में राहुल को ऐसा विरोध झेलना पड़ा कि उ हें बीच में सभा छोडऩी पड़ी। राहुल से
दरभंगा के छा ाों ने सवाल किया कि केंद्र और महाराष्ट्र में उनकी सरकार होने के बावजूद राज ठाकरे
और शिवसेना पर कार्रवाई यों नहीं की जाती। इसके बाद छा ाों ने बवाल करना शुरू किया। कुछ दिन
पहले मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने कहा था कि महाराष्टï्र में जितने भी टै सी डाइवार हैं उ हे मराठी आनी
चाहिए, इसलिए शिवसेना कार्यकताओं ने सभी टै सी डाइवारों को मराठी की किताबें बाटी थी।शिवसेना
यह कहती है कि मुंबई मराठियों की हैं तो शिवसेना प्रमुख भी तो मराठी नहीं हैं उ हें भी महाराष्टï्र से
बाहर करो। योंकि बाल ठाकरे खुद ही बाहर के है।
बाल ठाकरे को ऐसे बायन से कोई फायद नहीं होगा। ार तोड़ ने से कोई फायदा नहीं होगा। ार जोड़ ने
से होगा फायदा। अगर बुंबई से बॉलीवुड अलग हो जाए और उद्योगपति भी बाहर चले जाए तो वह या
बचेगा। इस साल पर सोचे।
Monday, February 1, 2010
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